राकेश सिंह टिकेत किसानों के मुद्दे पर 37 बार जेल भी गए हैं और दिल्ली में कॉन्स्टेबल भी रहे | टीका लगने की वजह से परिवार को मिला था टिकैत सरनेम | किसान आंदोलन | ADHIKARO KI JUNG
51 साल के टिकेत - 65 दिन से आंदोलन में टिके हैं इनका परिवार पश्चिम उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर के सिसौली से है चार भाइयों में राकेश दूसरे नंबर के हैं
अभी तक किसान आंदोलन में अधिकांश किसान हरियाणा पंजाब से ही थे। दर्जनों किसान संगठन और किसान नेता इसकी अगुवाई कर रहे थे। लेकिन 26 जनवरी को हिंसक हो गए प्रदर्शन के बाद आंदोलन में दरार पड़ गई और कुछ संगठनों ने खुद को आंदोलन से अलग कर लिया इस बीच धरना स्थल पर राकेश टिकैत की आत्महत्या की धमकी के बाद आंदोलन उग्र हो गया
टिकेत का नाम सालों बाद मीडिया की सुर्खियों में है कभी चौधरी महेंद्र सिंह उर्फ बाबा टिकैत किसान आंदोलनों की मुखर आवाज हुआ करते थे इस बार महेंद्र सिंह के बेटे और भारतीय किसान यूनियन (भकियू) के प्रवक्ता राकेश टिकैत का नाम खबरों में है
कुछ लोग उन्हें असली किसान नेता कह रहे हैं तो कुछ लोग षड्यंत्रकारी ठहरा रहे हैं हालांकि कृषि कानूनों के खिलाफ 2 महीने से चल रहे आंदोलन में पहली बार राकेश का नाम चर्चा के केंद्र में आया है
टिकैत ने कहा कि कृषि कानून वापस नहीं हुए तो वह आत्महत्या कर लेंगे इसके बाद उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में किसान गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंच रहे हैं
राकेश टिकैत 27 नवंबर 2020 से धरना स्थल पर है उनके बेटे चरण सिंह के मुताबिक वह अपने साथ 2 जोड़ी कपड़े और खेत की मिट्टी ले गए हैं वह कहते हैं कि खेत की मिट्टी से ही उन्हें इस आंदोलन में बने रहने का हौसला मिल रहा है
टिकेत की संपत्ति 4.25 करोड़ रुपए (चुनाव में दिए शपथ पत्र के अनुसार)
महेंद्र सिंह टिकैत का परिवार पश्चिम उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर के सिसौली से है। चार भाइयों में राकेश दूसरे नंबर के हैं। 'टिकेत' इनकी खाप का नाम है कहा जाता है कि परिवार में पूर्वजों को किसी तरह के टीके लगने की वजह से टिकैत नाम पड़ा संयुक्त परिवार में चार भाइयों के पास कुल 200 बीघा जमीन है परिवार में पत्नी सुनीता देवी के अलावा दो बेटियां और एक बेटा है एक बेटी की शादी ऑस्ट्रेलिया और दूसरी बेटी की शादी शामली में हुई है बेटा चरण सिंह पिता के साथ खेती करता है
जमीन अधिग्रहण के मुद्दे में 42 दिन जेल में बिताए
2011 में बाबा टिकैत के निधन के बाद नरेश टिकैत खाप प्रमुख और भकियू अध्यक्ष बने। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाके में टिकेत खाप का बोल बाला है
नरेश खाप के मुद्दे संभालते हैं, तो राकेश अलग-अलग किसान संगठनों को इकट्ठा रखने के साथ किसानों के हक की लड़ाई खेती किसानी के मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं उनके बेटे चरण सिंह के मुताबिक राकेश अभी तक 37 बार जेल जा चुके हैं हाल में ही उत्तर प्रदेश में गन्ने के मुद्दे पर जेल में रहे मध्यप्रदेश में जमीन अधिग्रहण के विरोध में मामले में 42 दिन जेल में रहे
दो बार चुनाव हारे 10 साल दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल रहे
राकेश टिकैत 10 साल दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल रहे इस बीच उनके पिता किसान आंदोलन में सक्रिय रहे कई बार ऐसी नौबत आएगी अपने ही पिता के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के दमन कर रहे दल में उन्हें रहना पड़ा ऐसे में राकेश ने नौकरी छोड़ दी और पिता की राह पकड़ ली राकेश 2007 में मुजफ्फरनगर की खतौली विधान सभा सीट से निर्दलीय और 2014 में अमरोहा में राष्ट्रीय लोकदल पार्टी से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन दोनों बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा
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