आज का समय ऐसा है जब हम ऐसे माहौल में घिरे हुए हैं जहां दूध से लेकर मिठाइयों और सब्जियों मैं जमकर मिलावट की जा रही है एक तरफ जहां पहले लोगों को त्यौहारों पर अपनी सेहत की चिंता होती थी वहीं अब जरूरी खानपान की चीजों में मिलावट ने लोगों को बाहर से सामान खरीदने पर सोचने को लेकर मजबूर कर दिया है मिलावट के इस दौर में अगला नाम है आपकी रसोई में पाया जाने वाला जीरा
जी हां जीरा आपने बिल्कुल ठीक पड़ा
अगर आप भी इस बात को सुनकर हैरान है तो अब आपको इसे खरीदते वक्त सावधानी बरतनी होगी क्योंकि बाजार में धड़ल्ले से नकली जीरा बिक रहा है
जीरा ना केवल आपकी रसोई में पाए जाने वाले एक साधारण सी खाद सामग्री है बल्कि इसका इस्तेमाल सब्जियों के स्वाद को बढ़ाने और कई देसी दवाओं को बनाने में किया जाता है सुबह उठ कर खाली पेट जीरे का पानी पीने से आप बड़ी तेजी से वजन भी कम कर सकते हैं दरअसल दिल्ली पुलिस ने हाल ही में नई दिल्ली के बवाना में नकली जीरा बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
मारे गए छापे में पुलिस ने 20 हजार किलो तैयार नकली माल और 8000 किलो कच्चा माल जब्त किया है इस गोरखधंधे का मास्टरमाइंड यूपी के शाहजहांपुर के जलालाबाद का रहने वाला बताया जा रहा है
जानिए कैसे बनता है नकली जीरा
नकली जीरा बनाने के लिए एक फूल झाड़ू में प्रयोग होने वाली खास किस्म की घास का प्रयोग किया जाता है
इसके अलावा इसमें पत्थर के दाने मिलाए जाते हैं
साथ ही इसमें गुड़ के शीरे का भी इस्तेमाल किया जाता है
आपको बता दें जिस जंगली गांव से झाड़ू फूल झाड़ू बनाई जाती है वह उत्तर प्रदेश में ₹5 प्रति किलो मिलती है यह घास नदियों के किनारे उगाई जाती है इसकी पहचान करना इसलिए मुश्किल हो जाता है क्योंकि इस जांच में कई छोटी-छोटी पत्तियां होती हैं जिसके कारण यहां बिल्कुल जीरा जैसा लगता है
कैसे बनाया जाता है नकली जीरा
नकली जीरे को बनाने के लिए जंगली घास की पत्तियों को गुड़ के पानी में डाला जाता है और पानी में डालने के बाद से सुखाया जाता है जिसके कारण इसका रंग जीरे जैसा हो जाता है जब इस घास का रंग जीरे जैसा हो जाता है तब इस से पत्थर के बने पाउडर में डालकर रख दिया जाता है ऐसा करने के बाद इसे लोहे की एक छलनी में छाना जाता है नकली जीरे को असली रंग देने के लिए इसमें स्लरी पाउडर भी मिलाया जाता है
जानिए कैसे करें असली जीरे की पहचान
असली अंतर पहचानना ज्यादा मुश्किल नहीं इस की शुद्धता की पहचान करने के लिए सबसे पहले एक कटोरी में पानी लें और उसमें जीरा डालें पानी में डालते ही अगर जीरा रंग छोड़ने लगे और टूटना शुरू हो जाए तो समझ लीजिए कि आप की रसोई में रखा जीरा नकली है असली जीरा पानी में जाने के बाद वैसा का वैसा ही रहता है साथ ही आप इन दोनों में कौन सा असली और कौन सा नकली है इसका पता इसकी खुशबू से भी लगा सकते हैं असली जीरा में खुशबू होती है जबकि नकली जिले में खुशबू नहीं होती।
0 Response to "कहीं आप तो नहीं खा रहे फूल झाड़ू की घास से बना जीरा...? जाने असली और नकली जीरे को पहचानने का तरीका... ADHIKARO KI JUNG NEWS"
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